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भारत-अमेरिका रक्षा सौदा

 

  • §  हाल ही में रक्षा मंत्रालय ने विदेशी सैन्य बिक्री (FMS) के तहत भारतीय नौसेना के लिये MK 54 टॉरपीडो और एक्सपेंडेबल (चैफ  एंड फ्लेयर्स) की खरीद के लिये अमेरिकी सरकार के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किये हैं।
  • §  FMS यू.एस. सरकार का अपने अंतर्राष्ट्रीय भागीदारों और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों को रक्षा उपकरण, सेवाओं  एवं प्रशिक्षण के लिये कार्यक्रम है।
  • §  एक्सपेंडेबल्स (Expendables) एक ऐसा उपकरण है जिसका इस्तेमाल उड़ान के दौरान  किया जा सकता है और इसकी रिकवरी नहीं की जा सकती है।

प्रमुख बिंदु 

§  MK 54 टारपीडो:

o    यह एक सिगार के आकार की स्व-चालित पानी के सतह के नीचे की मिसाइल है, जिसे पनडुब्बी, सतह के जहाज़ या हवाई जहाज़ से लॉन्च किया जाता है और सतह पर जहाज़ों और पनडुब्बियों में विस्फोट के लिये डिज़ाइन किया गया है।

o    MK 54 सूचना का विश्लेषण करने, गलत  लक्ष्यों या प्रतिवादों को समझने और फिर पहचाने गए खतरों का पीछा करने के लिये परिष्कृत प्रसंस्करण एल्गोरिदम का उपयोग करता है।

o    इस उपकरण का प्राथमिक उपयोग आक्रामक उद्देश्यों जैसे- पनडुब्बी रोधी युद्धक विमानों और हेलीकॉप्टरों के माध्यम से हमले हेतु किया जाता है और रक्षात्मक उद्देश्यों जैसे तीव्र परमाणु पनडुब्बियों और धीमी गति से चलने वाली, शांत, डीज़ल-इलेक्ट्रिक पनडुब्बियों की सुरक्षा के लिये किया जाता है।

o    भारत का उद्देश्य Mk 54 टॉरपीडो का उपयोग P-8I गश्ती विमान के साथ करना है।

§  एक्सपेंडेबल्स:

o    चैफ:

·         चैफ काउंटरमेजर डिस्पेंसिंग सिस्टम (CMDS) का एक हिस्सा है, जो एक पैसिव एक्सपेंडेबल्स इलेक्ट्रॉनिक काउंटर उपकरण है जिसका उपयोग रेडियो फ्रीक्वेंसी के आधार पर दुश्मन के रडार और मिसाइलों से नौसेना के जहाज़ों की सुरक्षा के लिये किया जाता है।

o    CMDS रडार निर्देशित और इन्फ्रारेड मिसाइलों के खिलाफ विमान को परिष्कृत, विविध और जटिल खतरों से सुरक्षा प्रदान करता है।

·         यह कई छोटे एल्यूमीनियम या जस्ता लेपित फाइबर से बना होता है जो विमान में ट्यूबों में संग्रहीत होता है।

·         यदि विमान को किसी भी रडार ट्रैकिंग मिसाइल से खतरा महसूस होता है, तो विमान के पीछे हवा के अशांत वातावरण में चैफ को बाहर निकाल दिया जाता है।

o    फ्लेयर:

·         एक फ्लेयर या डिकॉय फ्लेयर भी CMDS का एक हिस्सा है, जिसका इस्तेमाल एक इंफ्रारेड होमिंग ("हीट-सीकिंग") सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल या हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल का मुकाबला करने के लिये एक विमान या हेलीकॉप्टर द्वारा किया जाता है।

·         फ्लेयर्स आमतौर पर मैग्नीशियम या किसी अन्य गर्म जलती हुई धातु पर आधारित संरचना है, जो ज्वलनशील इंजन के निकास के तापमान के बराबर गर्म होता है।

·         इन्फ्रारेड फ्लेयर्स का उपयोग इन्फ्रारेड गाइडेड मिसाइलों (सतह से हवा और हवा से हवा दोनों खतरों) से लड़ाकू और परिवहन विमानों को बचाने के लिये किया जाता है।

·         फायर किये जाने पर फ्लेयर्स गर्मी वाली एंटी-एयर मिसाइलों को एक वैकल्पिक मज़बूत आईआर (इन्फ्रारेड) स्रोत प्रदान करते हैं ताकि उन्हें विमान से दूर ले जाया जा सके।

§  इस समझौते का महत्त्व:

o    यह पनडुब्बी रोधी युद्ध अभियानों का संचालन करने की भारत की क्षमता में सुधार करेगा और "क्षेत्रीय खतरों के लिये एक निवारक के रूप में भारत की रक्षा को मज़बूत करने के लिये" काम करेगा।

o    यह भारत के साथ अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी साझा करने और दोनों देशों को एक सुरक्षित और स्थिर दक्षिण एशिया के मद्देनज़र अमेरिका की प्रतिबद्धता का हिस्सा है।

o    चीन से दोनों देशों के लिये जो खतरा है, उसे देखते हुए यह महत्त्वपूर्ण है। हाल के दिनों में चीन ने हिंद महासागर में अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया है, जिसे भारत के लिये खतरे के रूप में देखा जा सकता है।

o    यह अमेरिका की चीन को चेतावनी देने और भू-राजनीतिक संदर्भ में संतुलन बनाए रखने की कोशिश के रूप में अनुमानित है।

o    हाल के दिनों में भारत, जापान, ऑस्ट्रेलिया और संयुक्त राज्य अमेरिका से बने क्वाड कलेक्टिव में कहा गया था कि वे हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति सुनिश्चित करने के लिये हर संभव प्रयास करेंगे।

       स्रोत: इंडियन एक्सप्रेस

 


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