बजट रेखा दो वस्तुओं के उन सभी संयोगों का ग्राफीय निरूपण होता है जिन्हें उपभोक्ता दी गई कीमतों तथा अपनी आय को व्यय करके खरीद सकता है। बजट रेखा को कीमत रेखा भी कहते हैं। बजट रेखा की चित्रमय व्याख्या माना कि एक उपभोक्ता के पास दोनों वस्तुओं केले(X) और संतरे (Y) पर व्यय करने के लिए ₹20 का बजट उपलब्ध है। केले की कीमत ₹4 प्रति इकाई है और संतरे की कीमत ₹2 प्रति इकाई है। उपभोक्ता को केले और संतरे के निम्नलिखित संयोग/बंडल प्राप्त होता है। जो उपभोक्ता अपने दी गई आय और वस्तुओं की दी गई कीमत के द्वारा खरीद सकता है। इन विभिन्न संयोग से ही बजट रेखा बनती है। Add caption उपरोक्त वक्र में X-अक्ष पर केले और Y-अक्ष पर संतरे की गायों को दर्शाया गया है। बिन्दु A पर उपभोक्ता अपने समस्त आय को व्यय करके केले की अधिकतम 5 इकाइयां ही खरीद सकता है। इसके विपरीत बिंदु एफ पर उपभोक्ता अपनी समस्त आय को संतरे पर व्यय करके 10 इकाइयां खरीद सकता है। A और F के बीच B,C,D और E ऐसे ही विभिन्न बिन्दु है। इन सभी बिंदुओं को मिलाने से एक सरल रेखा AF रेखा प्राप्त होती है जिससे बजट रेखा या कीमत रेखा कहते हैं। बजट रेखा पर स्थित स...
उत्पादन संभावना वक्र के अन्य नाम। उत्पादन संभावना सीमा। उत्पादन संभावना फ्रंटियर। रुपांतरण वक्र। रुपांतरण सीमा। उत्पादन संभावना वक्र(PPC) - यह वक्र दो वस्तुओं के उन संयोगों को दर्शाता है जिने दिए गए संसाधनों व तकनीक द्वारा उत्पादित किया जा सकता है। PPC की मान्यताएं (Assumption for PPC) संसाधनों का पूर्ण व कुशलतम प्रयोग किया जाता है। दिए गए संसाधनों के प्रयोग से केवल दो वस्तुओं को उत्पादित किया जा सकता है। संसाधन सभी वस्तुओं के उत्पादन में एक समान नहीं होते हैं। तकनीक के स्तर को स्थिर मान लिया जाता है। उत्पादन संभावना तालिका व वक्र उत्पादन संभावना वक्र उपरोक्त वक्र मे X- अक्ष पर वस्तु X की इकाइयों को और Y-अक्ष पर वस्तु Y की इकाइयों को दर्शाया गया है। बिन्दु A पर अर्थव्यवस्था अपने सभी संसाधनों का उपयोग करके वस्तु Y की अधिकतम 15 इकाइयां उत्पादित कर सकती है परंतु वस्तु X की एक भी इकाइयां उत्पादित नहीं कर सकती है। वही बिंदु F पर अर्थव्यवस्था अपने सभी संसाधनों का उपयोग वस्तु X के उत्पादन के लिए करती है तो वह वस्तु X की अधिकतम 5 इकाइयां उत्पा...