दूरसंचार विभाग (Department of Telecommunications- DoT) ने अन्य सेवा प्रदाताओं (Other Service Providers- OSPs) के लिये मानदंडों को और अधिक उदार बनाया है। भारत में बिज़नेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग (Business Process Outsourcing- BPO ) उद्योग को प्रोत्साहित करने के लिये OSP दिशा-निर्देशों को इससे पहले नवंबर 2020 में उदार बनाया गया था। नए दिशा-निर्देशों को और भी सरल बनाया गया है, जिससे व्यापार में अधिक आसानी और नियामक स्पष्टता की पेशकश की गई है। प्रमुख बिंदु: बिज़नेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग (BPO): BPO कई लाभ प्रदान करते हैं जैसे- कम लागत, वैश्विक विस्तार एवं उच्च दक्षता इसके अलावा इनमें कुछ कमियाँ जैसे- सुरक्षा मुद्दे, छिपी हुई लागत और अति निर्भरता आदि भी शामिल हैं। BPO एक ऐसा व्यावसाय है जिसमें एक संगठन एक बाह्य सेवा प्रदाता के साथ एक आवश्यक व्यावसायिक कार्य करने के लिये अनुबंध करता है। OSPs या अन्य सेवा प्रदाता ऐसी कंपनियाँ या फर्म होती हैं जो विभिन्न कंपनियों, बैंकों या अस्पताल शृंखलाओं के लिये क्रमशः टेलीमार्केटिंग, टेलीबैंकिंग या टेलीमेडिसिन जैसी...
उत्पादन संभावना वक्र के अन्य नाम। उत्पादन संभावना सीमा। उत्पादन संभावना फ्रंटियर। रुपांतरण वक्र। रुपांतरण सीमा। उत्पादन संभावना वक्र(PPC) - यह वक्र दो वस्तुओं के उन संयोगों को दर्शाता है जिने दिए गए संसाधनों व तकनीक द्वारा उत्पादित किया जा सकता है। PPC की मान्यताएं (Assumption for PPC) संसाधनों का पूर्ण व कुशलतम प्रयोग किया जाता है। दिए गए संसाधनों के प्रयोग से केवल दो वस्तुओं को उत्पादित किया जा सकता है। संसाधन सभी वस्तुओं के उत्पादन में एक समान नहीं होते हैं। तकनीक के स्तर को स्थिर मान लिया जाता है। उत्पादन संभावना तालिका व वक्र उत्पादन संभावना वक्र उपरोक्त वक्र मे X- अक्ष पर वस्तु X की इकाइयों को और Y-अक्ष पर वस्तु Y की इकाइयों को दर्शाया गया है। बिन्दु A पर अर्थव्यवस्था अपने सभी संसाधनों का उपयोग करके वस्तु Y की अधिकतम 15 इकाइयां उत्पादित कर सकती है परंतु वस्तु X की एक भी इकाइयां उत्पादित नहीं कर सकती है। वही बिंदु F पर अर्थव्यवस्था अपने सभी संसाधनों का उपयोग वस्तु X के उत्पादन के लिए करती है तो वह वस्तु X की अधिकतम 5 इकाइयां उत्पा...